Raag Jaunpuri – Learn Indian Classical Music Online In Hindi

राग जौनपुरी असावरी थाट का एक बहुत ही मधुर और प्रचलित हिंदुस्तानी राग है जिसमे ग ध और नी कोमल होते हैं। दरबारी और जौनपुरी में समानताएं होने के बावजूद ये चाल से पहचाना जाता है अर्थात इस राग को गाने का ढंग और वादी सम्वादी स्वरों का अंतर होने के वजह से ये अलग प्रकार का भाव देता है। ये राग सुबह 9 बजे से 12 बजे तक गाया जाता है। इस राग की प्रमुख विशेषताएं निचे दिए गए चार्ट में आप देख सकते हैं।

Aaroh S-R-m-P,dm,PdnS’
Avroh S’-n-d-P,d-m-P,g-R-S
Pakad dm,PdnS’-d-P,d-m-P,R-m-P
JatiShadav-Sampoorn
Vadi / Samvadi Sa/Pa
Thaat Asavari
Time Morning (9 am – 12 pm)
SwarGa Dha Ni Komal Swar

इस राग पर वैसे तो हजारों गाने आधारित हैं जिनका संपूर्ण विवरण यहाँ देना संभव नहीं है किन्तु कुछ गाने जो आपको इस राग को समझने में मदद करेंगे वो इस प्रकार हैं।

हर संगीतकार के जीवन में रियाज़ का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है, अगर आप अच्छे गायक बनना चाहते हैं तो सही समय पर रियाज़ और रियाज़ करने के लिए सही वाद्ययंत्रों का होना आवश्यक है जैसे की तानपुरा, हारमोनियम और तबला। हमने निचे कुछ ऐसे ही उपयोगी वाद्ययंत्रों के लिंक दिए हुए हैं अगर आप चाहे तो उन्हें चेक कर सकते हैं ! कृपया नियमित रूप से संगीत सिखने के लिए फर्स्ट म्यूजिक रिव्यु को सब्सक्राइब ज़रूर करें ताकि आप प्रतिदिन कुछ न कुछ नया सिख सकें।

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