Raag Khamaj | राग ख़माज – ऑनलाइन हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सीखें

फर्स्ट म्यूजिक में आपका स्वागत है, आज हम सीखेंगे राग ख़माज जो की बहुत ही प्रचलित राग है। ये राग ख़माज थाट में आता है और इसे शाम में गाया जाता है लेकिन आप इसे किसी अन्य समय में भी गए सकते हैं । राग ख़माज का इस्तेमाल भारतीय फ़िल्मी गानों में खूब होता आया है आइये जानते हैं इस राग की बारीकियां।

आरोहसा ग म प ध नी सा’
अवरोहसा’ नी ध प म ग रे सा
पकड़ग म प नी ध म प ध म ग
जातीषाड़व – सम्पूर्ण
वादी / सम्वादीग / नी
थाटख़माज
समयशाम 6 बजे से 9 बजे रात तक
स्वरआरोह में सभी शुद्ध अवरोह में नी कोमल
Raag Khamaj Notation

इस राग पर आधारित कुछ गाने इस प्रकार हैं।

1. बड़ा नटखट है रे कृष्णा कन्हैया ( गायक लता मंगेशकर )

2. ढल चुकी शाम-ए-ग़म ( गायक मोहम्मद रफ़ी )

३. चुनरिया कटती जाए ( गायक मन्ना डे )

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