राग थेरेपी – क्या रागों को सुनने से दूर होते हैं असाध्य रोग ?

क्या आपने कभी राग थेरेपी की बारे में सुना है ? क्या आप जानते हैं की रागों को सुनने से ना सिर्फ बीमारीओं से मुक्ति मिलती है बल्कि असाध्य दिखने वाले रोग भी ठीक हो जाते hain.

क्या आप जानते हैं कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के रागों को गाने से ना सिर्फ सुर अच्छे होते हैं बल्कि कई बिमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है। नियमित रूप से रागों को सुनने वाले असाध्य रोगों से भी ठीक होते देखे गए हैं। आइये एक नज़र डालते हैं निचे दिए गए आंकड़ों पर।

  • राग दरबारी : तानसेन द्वारा रचित ये राग आधी रात में गाया जाता है और इसको सुनने से तनाव से मुक्ति मिलती है।
  • राग बागेश्री : इस राग को सुनने से डाइबिटीज और उच्च रक्तचाप ( Hypertension ) से आराम मिलता है।
  • राग तोड़ी : इसे सुनने से उच्च रक्तचाप ( High Blood Pressure ) की बीमारी से छुटकारा मिलता है।
  • राग हिंडोल और राग मारवा : इन रागों को सुनने से आपका खून शुद्ध होता है।
  • राग मालकौंस : इस राग को सुनने से लो ब्लड प्रेशर ( Low Blood Pressure ) की बीमारी से आराम मिलता है।
  • राग भैरवी : सुबह के समय गाये जाने वाले इस राग से टीवी, कैंसर, दाँतों का दर्द, कफ, साइनस और अत्यधिक सर्दी जैसी बीमारियाँ दूर होती हैं।
  • राग मल्हार : इस राग को सुनने से दमा और लू से मुक्ति मिलती है।
  • अहीर भैरव : ये राग आपके ब्लड प्रेशर को कम करता है

अब आप समझ सकते हैं की किस प्रकार अपनी भारतीय संस्कृति और कलाओं के द्वारा आप अपने आप को स्वस्थ और निरोग रख सकते हैं और शरीर की बिना डॉक्टर स्वयं अपनी देखभाल कर सकते हैं।

आप प्रतिदिन अपने जीवन में रागों को गाने और सुनने की परंपरा विकसित करें, आप आपके जीवन में और आपके स्वास्थ्य में वशेष बदलाव महसूस करने लगेंगे। आज सारी दुनिया में राग थेरेपी का इस्तेमाल बिमारियों को दूर करने के लिए हो रहा है जो की हर हिंदुस्तानी के लिए गर्व की बात है।

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